Navratri Vrat Fasting Benefits | 98Fit

नवरात्रि के दौरान व्रत रखने के फायदे

नवरात्रि में देवी मां को मनाने के लिए कई प्रकार से पूजा और आराधना की जाती है। व्रत-उपवास भी पूजा का ही एक अंग होता है। व्रत का अर्थ है संकल्प या दृढ़ निश्चय और उपवास के मायने ईश्वर या इष्टदेव के पास बैठने से हैं। इन 9 दिनों व्रत-उपवास करने से शारीरिक, मानसिक और धार्मिक लाभ मिलते हैं और देवी मां की कृपा भी मिलती है। चलिए, आपको बताते हैं कि व्रत रखने से सेहत संबंधी कौन-कौन से फायदे होते हैं।

1. डिटॉक्सीफाई – शरीर से विषैले पदार्थ होते हैं खत्म

क्या आप अपने शरीर में अचानक हुए परिवर्तन जैसे कि आसानी से थक जाना, त्वचा की एलर्जी, शरीर में दर्द महसूस करना या भोजन ना पचने के परिणाम स्वरूप फूले हुए पेट से पीड़ित हैं? इसमें वजन का घटना या कम भूख लगना भी शामिल है। ये सभी लक्षण इस बात का संकेत करते हैं कि आपके शरीर के रासायनिक तत्त्वों का असर कम करने का समय आ गया है। इसके पीछे का एक मुख्य कारण जंक फूड होता है इसलिए नवरात्रि में व्रत रखने से शरीर में मौजूद सभी विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं जिससे एक तरह से शरीर की सफाई हो जाती है। इसके अलावा हार्मोन्स, गुर्दे, लीवर, आरबीसी इत्यादि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है जो सेहत के लिए अच्छा रहता है। शरीर में विषाक्त पदार्थों की ज़्यादा मात्रा वास्तव में खतरनाक है क्योंकि यह स्वास्थ्य की समस्याओं को जन्म दे सकती है। प्रदूषण, रासायनिक तत्वों और फूड एडल्ट्रेशन के कारण आपकी त्वचा की परत पर अधिक विषाक्त पदार्थ तेज़ी से बढ़ते हैं जो डिटॉक्सिफिकेशन की प्रक्रिया से आसानी से ठीक हो सकते हैं। इसलिए इन तरह के विषैले पदार्थों से छुटकारा पाने के लिए अपने आपको डिटॉक्सिफाई करना चाहिए। यह प्रक्रिया शरीर में मौजूद हानिकारक पदार्थों को खत्म करने में आपकी मदद करती है और आपके स्वास्थ्य में सुधार लाती है। यह बैक्टेरिया, वायरस और विभिन्न अन्य बीमारियों के खिलाफ लड़ने में भी मदद करती है। Navratri Vrat Fasting Benefits | 98Fit

2. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है

अगर आप सभी 9 दिन व्रत रखेंगे तो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसके साथ ही कोलाइटिस, कब्ज, सिरदर्द, थकान जैसी समस्याओं के होने की आशंका भी कम हो जाती है और मेटाबोलिज़्म खास प्रभावी होता है। दरअसल, नवरात्र दो ऋतुओं के संधिकाल यानी जब एक ऋतु बदलती है और दूसरी ऋतु शुरु होती है – उन दिनों में मनाई जाती है। ऋतुओं के संधिकाल में बीमारियां होने की संभवानाएं काफी बढ़ जाती हैं। ऐसे में यह ज़रूरी हो जाता है कि आपके शरीर का इम्यून सिस्टम मज़बूत हो रहा हो और आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ रही हो। एक और महत्वपूर्वण बात यह है कि डायबिटीज़ के मरीज की नवरात्र में उपवास रखने से इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर हो सकती है। एक रिसर्च में यह बात सामने आई थी कि व्रत के बाद इंसुलिन काफी प्रवशाली हो जाता है और खून में ग्लूकोज़ सही तरह से जाने लगता है। इम्यून सिस्टम बेहतर करने के साथ ही व्रत रखने से कैंसर के सेल्स बनने बंद हो जाते हैं। इतना ही नहीं शरीर में आई हुई सूजन को भी व्रत के ज़रिए दूर किया जा सकता है।10-amazing-facts-about-your-immune-system-722x406

3. फैट कम करने का यह सबसे सही समय है

अगर आप बहुत समय से अपने बढ़े हुए वजन को कम करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं, तो व्रत आपके लिए एक अच्छा विकल्प है और नवरात्रि इसके लिए सबसे सही समय है। 98फिट द्वारा सुझाए गए सही डाइट प्लान के ज़रिए इन नौ दिनों में आप अपना वजन काफी कम कर सकते हैं। इससे न केवल बढ़ते हुए वजन को नियंत्रित किया जा सकता है, बल्कि शरीर में होने वाली कई तरह की बीमारियों को भी रोका जा सकता है। नवरात्रि में नौ दिन सही तरीके से उपवास करने से सबसे बड़ा सकारात्मक परिणाम वजन घटने के रूप में देखने को मिल सकता है। दरअसल, नवरात्रि में सभी दिन व्रत रखने से शरीर में मौजूद ‘फैट’ तेज़ी से घटना शुरू हो जाता है और यही कारण होता है कि आपका वजन जल्दी से घटना शुरू हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि फैट सेल्स से लैप्टिन नाम का हॉर्मोन निकलता है लेकिन व्रत के दौरान कम कैलोरी मिलने से लैप्टिन की सक्रियता पर असर पड़ता है। इसी वजह से व्रत के दौरान वजन कम हो जाता है।5-simple-tips-to-reduce-belly-fat-after-pregnancy

4. शरीर का तनाव होता है खत्म

व्रत रखने से तनाव भी कम होता है और ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दिमाग शांत रहता है। दरअसल, व्रत में लोग तामसिक भोजन का सेवन नहीं करते हैं जिसकी वजह से दिमाग में शांति का भाव उत्पन्न होता है। तामसिक भोजन का तात्पर्य मांस, मछली, अंडे और मादक पदार्थ से होता है जो शरीर और मन को सुस्त करते हैंI इनके अत्यधिक सेवन से जड़ता, भ्रम और भटकाव महसूस होता हैI नवरात्रि के दौरान व्रत रखकर आप खाने के तरीके को भी सुधार सकते हैं जिससे आपका दिमाग भी सुचारु रूप से काम करने लगता है। दरअसल, व्रत रखने से ‘बीडीएनएफ’ नाम का प्रोटीन बनता है जिससे दिमाग अच्छे से काम करता है। इस दौरान एक समय भोजन करने या केवल फलाहार करने से पाचनतंत्र को आराम मिलता है। इसके साथ ही विचार भी पवित्र बने रहते हैं और बुद्धि का विकास होता है। यह कारण है कि व्रत-उपवास को पूजा पद्धति में शामिल किया गया है क्योंकि इसका पालन करने से रखने से मन में ईमानदारी, सहनशीलता, शांति और भक्ति भरे माहौल का एहसास होता है।

Woman practicing yoga at sunrise near the ocean

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